किसी कार्यालय के एक या एक से अधिक कर्मचारियों द्वारा किसी कार्य के अनुपालन हेतु नियुक्ति, पदोन्नति, वेतन वृद्धि, अवकाश स्वीकृति एवं अन्य सुविधाओं की स्वीकृति हेतु सक्षम अधिकारियां द्वारा जो आदेश जारी किए जाते हैं, उन्हें कार्यालय आदेश (Karyalaya Aadesh) कहते हैं।
- कार्यालय आदेश का प्रारूप (Office Order format)
- कार्यालय आदेश (Karyalaya Aadesh) के उदाहरण
- प्रश्न (1): राजस्थान विश्वविद्यालय के कुलसचिव की ओर से एक सामान्य कार्यालय आदेश (Karyalaya Aadesh) जारी कीजिए जिसमें चौकीदार बिना सूचना के कार्यालय में अनुपस्थित था।
- प्रश्न (2): स्वास्थ्य विभाग, शासन सचिवालय के सचिव की ओर से एक सामान्य कार्यालय आदेश पारित कीजिए जिसमें चिकित्सकों को अस्थायी राजस्थान हाउस जयपुर में कार्यभार सम्भालने की जिम्मेदारी हो।
- कार्यालय आदेश (Karyalaya Aadesh) के उदाहरण
- इसमें उक्त कार्यों के अलावा एक कार्यालय सम्बन्धी नियमों, प्रतिक्रियाओं तथा सूचनाओं से भी अधिकारी द्वारा अपने अधीनस्थों को अवगत कराया जाता है।
- कार्यालय आदेश यदि उच्चाधिकारी द्वारा दिया गया हो किन्तु जारी करने वाला कोई अधीनस्थ अधिकारी हो तो आज्ञा से अंकित किया जाता है।
- कार्यालय आदेश में यह भी हो सकता है कि आदेश पर तो उच्चाधिकारी के हस्ताक्षर हों (किसी विभाग के सचिव या निदेशक आदि के) किन्तु नीचे आदेश प्रेषित करने वाले भाग पर अधीनस्थ अधिकारी (उपसचिव या सहायक सचिव, उपनिदेशक या सहायक निदेशक) के हस्ताक्षर हों।
कार्यालय आदेश का प्रारूप (Office Order format)
सरकार का नाम
कार्यालय/विभाग का नाम, स्थान।
प.क्र. …….. दिनांक ….
कार्यालय आदेश
………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………
………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………
…………………………………… विषयवस्तु…………………………………………………..।
आज्ञा से ……
हस्ताक्षर (नाम)
पद
प.क्र. दिनांक……………….
प्रतिलिपि-सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु-
1. ……………….
2. ………………
3. रक्षित पत्रावली
हस्ताक्षर (नाम)
पद
कार्यालय आदेश (Karyalaya Aadesh) के उदाहरण
राजस्थान सरकार
कार्यालय, जिला शिक्षा अधिकारी,
माध्यमिक शिक्षा, प्रथम-अलवर।
प.क्र.-जि.शि.अ/मा.शि./अ./1063 09 जुलाई, 2024
कार्यालय आदेश
प्रधानाचार्य, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान डाइट अलवर के पत्र क्रमांक जि.षि.प्र.सं./अ./933, दिनांक 05 जुलाई,2024 के अनुसार संस्थान में योजना प्रबन्धन विभाग द्वारा सन्दर्भ व्यक्ति प्रशिक्षण दिनांक 23 जुलाई, 2024 से 27 जुलाई 2024 तीन दिवस तक आयोजित किया जाना है।
2. अतः उक्त प्रशिक्षण हेतु इस कार्यालय के अधीनस्थ प्रधानाचार्यो/प्रधानाध्यापकों को प्रशिक्षण प्राप्त करने हेतु निर्देषित किया जाता है।
- श्रीमती राजनी भूषण प्रधानाचार्य रा. उ. मा. वि. देसूला
- श्री रोहिताष ओसवाल प्रधानाचार्य रा. उ. मा. वि. मालाखेडा
- श्री कृष्णदत्त शर्मा प्रधानाध्यापक रा. मा. वि. दिवाकरी
- श्री अनिल नागर प्रधानाध्यापक रा. मा. वि. उमरैण
उक्त संस्थाप्रधानों को निर्देषित किया जाता है कि वे सभी उक्त प्रशिक्षण हेतु संस्थान में 23 जुलाई, 2024 को प्रातः 10ः00 बजे उपस्थित होवें।
हस्ताक्षर (क ख ग)
जिला शिक्षा अधिकारी
अलवर।
प.क्र.-जि.शि.अ/मा.शि./अ./1064-68 09 जुलाई 2024
प्रतिलिपि-सूचनार्थ एवं आवष्यक कार्यवाही हेतु-
- प्रधानाचार्य जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, डाइट-अलवर
- श्रीमती लीना शर्मा, प्रधानाचार्या, रा.उ.मा.वि. देसूला।
- श्री राहुल पाराशर, प्रधानाचार्य, रा.मा.वि. मालाखेडा
- श्री थानेश्वर प्रसाद, प्रधानाध्यापाक, रा.मा.वि. उमरैण
- श्री मुरारी लाल रैगर, प्रधानाध्यापक, रा.मा.वि.दिवाकरी
- रक्षित पत्रावली
हस्ताक्षर (क ख ग)
जिला शिक्षा अधिकारी अलवर।
प्रश्न (1): राजस्थान विश्वविद्यालय के कुलसचिव की ओर से एक सामान्य कार्यालय आदेश (Karyalaya Aadesh) जारी कीजिए जिसमें चौकीदार बिना सूचना के कार्यालय में अनुपस्थित था।
राजस्थान सरकार
कार्यालय, राजस्थान विश्वविद्यालय,
जयपुर।
प.क्र-रा. वि.वि./ज./26/13908. 23 सितम्बर,2024
कार्यालय आदेश
श्री विमल परिहार चौकीदार, राजस्थान विश्वविद्यालय, JLN मार्ग, मोती डूँगरी, जयपुर दिनांक 13 अप्रैल, 2024 से बिना पूर्व सूचना के एवं अवकाश स्वीकृत कराए बिना स्वेच्छापूर्वक कार्यालय से अनुपस्थित है। उक्त सम्बन्ध में कार्यालय पत्रांक रा.वि.वि/ज./26/13308. दिनांक 23 अप्रैल, 2024 तथा पत्रांक रा. वि.वि./ज./26/13742, दिनांक 07 जुलाई, 2024 के द्वारा तथा विज्ञप्ति दिनांक 15 सितम्बर, 2024 के द्वारा दैनिक समाचार-पत्र के माध्यम से निर्देशित किया गया था कि वे इस विज्ञप्ति के प्रकाशित होने के 7 दिवस के अन्दर अपना कार्यभार ग्रहण करें किन्तु परिहार जी ने निर्धारित समय में अपना कार्यभार गहण नहीं किया था।
2. अतः विश्वविद्यालय आध्यादेष 579 सी. 580 (18) तथा 184 के तहत श्री विमल परिहार चौकीदार की सेवाएँ दिनांक 13 अप्रैल, 2024 से समाप्त की जाती है।
हस्ताक्षर(क ख ग)
कुलसचिव,
राजस्थान विश्वविद्यालय
जयपुर।
प.क्र-रा.वि.वि./ज./26/13909 23 सितम्बर,2024
प्रतिलिपि-सूचनार्थ
- श्री विमल परिहार, 59, महेष नगर जयपुर।
- रक्षित पत्रावली हस्ताक्षर (क ख ग)
कुलसचिव
राजस्थान विश्वविद्यालय
जयपुर।
प्रश्न (2): स्वास्थ्य विभाग, शासन सचिवालय के सचिव की ओर से एक सामान्य कार्यालय आदेश पारित कीजिए जिसमें चिकित्सकों को अस्थायी राजस्थान हाउस जयपुर में कार्यभार सम्भालने की जिम्मेदारी हो।
राजस्थान सरकार
कार्यालय, स्वास्थ्य विभाग, शासन सचिवालय,
जयपुर।
प.क्र-21(6)/स्वा. वि./षा.स./ज./23/67 13 जून, 2024
कार्यालय आदेश
श्री भुवन सैनी चिकित्सा अधिकारी, प्रभारी सामान्य चिकित्सालय, नदबई (भरतपुर) और सुश्री कविता गोयल चिकित्सा अधिकारी प्रभारी सामान्य चिकित्सालय, सूर्यनगर, अलवर की सेवाएँ राजस्थान हाउस, जयपुर में चिकित्सक के पद पर कार्यभार सम्भालने की तिथि से 06 माह के लिए प्रतिनियुक्ति दी जाती है। उनकी सेवाएँ राज्य के वित्त विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आदेशों के तहत छः माह से अधिक समय के लिए भी प्रभावी हो सकती है।
हस्ताक्षर (क ख ग)
विशिष्ट सचिव,
स्वास्थ्य विभाग
शासन सचिवालय, जयपुर।
प.क्र.-21(6)/स्वा. वि./षा. स./ज./23/68-73 13 जून, 2024
प्रतिलिपि-सूचनार्थ एवं आवष्यक कार्यवाही हेतु-
- निदेशक स्वास्थ्य विभाग, जयपुर।
- प्रभारी अधिकारी, राजस्थान हाउस, जयपुर।
- मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, भरतपुर।
- मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, अलवर।
- श्री भुवन सैनी चिकित्सा अधिकारी प्रभारी सामान्य चिकित्सालय, नदबई (भरतपुर)।
- सुश्री कविता गोयल चिकित्सा अधिकारी प्रभारी सामान्य चिकित्सालय, सूर्यनगर, अलवर।
- रक्षित पत्रावली
हस्ताक्षर (क ख ग)
विशिष्ट सचिव,
स्वास्थ्य विभाग
शासन सचिवालय
जयपुर।
सरकारी / कार्यालयी पत्र (karyalayi Patra)
अधिसूचना (Adhisuchana) संबंधित नियम एवं उदाहरण
नोट: फॉर्मैट समझने में कठिनाई होने पर डेस्कटॉप मोड में देखें।
नमस्कार! सरल हिंदी व्याकरण पर आपका स्वागत है। इस ब्लॉग के माध्यम से हम अपने कई सालों के सफल अनुभव और ज्ञान पर आधारित “हिंदी भाषा और व्याकरण” की उच्च गुणवत्ता वाली अध्ययन सामग्री साझा करते हैं।
यहाँ हम हमेशा आपको “हिंदी भाषा एवं व्याकरण” की पूर्णतया अद्यतित और उपयुक्त अध्ययन सामग्री उपलब्ध करवाने का प्रयास करते हैं। ताकि आप प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट सफलता प्राप्त करें। हमने एक नए दृष्टिकोण से हिंदी भाषा और व्याकरण को समझने का प्रयास किया है और इसे बार-बार अभ्यास से सीखने का एक सरल तरीका विकसित किया है।
हम आप सभी को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए यहाँ हैं। आइये – साथ मिलकर “हिंदी भाषा और व्याकरण” में अभूतपूर्व सफलता की ओर कदम बढ़ाते हैं!
धन्यवाद।